Tuesday, 20 May 2014

रातरानी मदमस्त खुशबूवाला फूल

रातरानी मदमस्त खुशबूवाला  फूल

रातरानी एक दक्षिण एशिया एवं वेस्टइंडीज देश का पौधा है । रातरानी के फूल रात को ही खिलते हैं और एक मदमस्त खुशबू बिखेरते हैं । इस पौधे की विशेषता यह है कि इसकी खुशबू बहुत दूर तक जाती है । इसके छोटे छोटे फूल गुच्छे में आते हैं रात में खिलते है और सवेरे सिकुड़ जाते हैं । रातरानी के फूल साल में 5 या 6 बार आते हैं हर बार 7 से 10 दिन तक अपनी खुशबू बिखेरते हैं । रातरानी की महक शाम के ढलने के बाद हवा में घुलने लगती है, हवा का हल्का सा झोंका रातरानी के अनगिनत फूलों की खुशबू को फिजा में लहरा देता है । अगर आप रातरानी के फूलों को पानी में डाल कर स्नान करते हैं तो दिनभर आपके शरीर में ताजगी का एहसास रहेगा व पसीने की दुर्गंध भी नहीं आयेगी । अगर आप एक टब में रातरानी के फूलों के गुच्छे डाल देंगे और टब को कमरे में रखेंगें  तो इसकी खुशबू से कमरा महकने लगेगा ।
चंद्र: चंद्रमा मन का कारक है। मन की प्रसन्नता जीवन को सुखी व स्वस्थ बना देती है । चंद्रमा की अनुकूलता के लिए रातरानी और चमेली के फूल या इत्र कारगर सिद्ध होते हैं ।
हमारी संस्कृति में फूलों का उपयोग हर प्रकार के धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठानों में बहुतायत से होता है । महिलाओं के सौन्दर्य प्रसाधन का अभिन्न अंग है, फूलों का गजरा । पौधा नहीं लगा सकते तो लगे हुए पौधों को बचाने का ही पुण्य कमाएं और फूलों का मुस्कराना देख कर खुश हों ।
.रातरानी के पौधा एक सदाबहार झाड़ी वाला 13 फुट तक हो सकता है इसकी पत्तियां सरल, संकीर्ण चाकू जैसी लम्बी चिकनी और चमकदार होती हैं । फूल एक दुबला टयूबलर साथ हरा और सफेद होता है । रातरानी का पौधा उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है । रात में खिलने वाले फूलों में से अधिकांश सफेद होते हैं । रातरानी के फूल दिन का तापमान बर्दाश्त करने की क्षमता नहीं रखते हैं ।
रातरानी इत्र: हाइड्रो आसवन प्रक्रिया से रातरानी इत्र बनाया जाता है और भारतीय इत्र की सारी दुनिया में उच्च मांग है । रातरानी की उत्पत्ति क्षेत्र मेक्सिको, मध्य अमेरिका, भारत और क्यूबा है । रातरानी की शक्तिशाली खुशबू का दवा के रूप में सांस की समस्याओं, नाक और गले की जलन, सिर दर्द, मतली में कारगर सिद्ध होती है ।







1 comment:

  1. क्या मोगरा को बेला कहते हैं?

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