Sunday, 8 June 2014

डाबरमेन - बुद्धिमान वफादार नस्ल

डाबरमेन - बुद्धिमान वफादार नस्ल
डाबरमेन एक अद्वितीय और अदभुत नस्ल है । जो कि ऊर्जावार, सर्तक, निडर और आज्ञाकारी होने के लिए जानी जाती है । डाबरमेन एक घरेलू कुत्ते की नस्ल है जो कि बुद्धिमान, वफादार,  और काफी संवेदशील नस्ल है जिसे व्यक्तिगत रक्षक के रूप में विकसित किया गया है । जिसका उपयोग सुरक्षा, सम्पत्ति की रखवाली, अंगरक्षक और साथी के रूप में की जाती है । इसे खुफिया कार्य, गार्ड एवं पुलिस डाॅग के रूप में जाना जाता है । डाबरमेन नस्ल घर के अन्दर रखने के लिए उपयुक्त है । ये निडर नस्ल मालिक के बचाव करने के लिए तत्पर रहती है । डाबरमेन को सबसे पहले जर्मनी में 1800 में शिकारी कुत्ते के रूप में विकसित किया गया फिर 1884 में सैनिक समर्थन से प्रशिक्षित किया गया और 1908 में अमेरिकन केनल क्लब ने मान्यता दी । विवरण -  डाबरमेन का काॅम्पेक्ट, मांसल शरीर, मध्यम आकार एवं एक वर्ग फ्रेम जो कि लम्बाई और ऊंचाई में बराबर होते हैं सिर की लंबाई, गर्दन और पैर अपने शरीर के अनुपात में होना चाहिए । इनकी पूंछ प्राकृतिक रूप से काफी लम्बी होती है पर बहुमत से शल्य चिकित्सा द्वारा जन्म से ही पूंछ डाॅकिंग करके उसे हटा दिया जाता है ( 3 दिन की उम्र में )। इनके कान की क्रापिंग 7-9 सप्ताह की उम्र में कर दी जाती है । इनकी आंखे बादाम के आकार और जिनका रंग शरीर के रंग पर निर्भर करता है । डाबरमेन नर का वजन 34-41 किलो और मादा का वजन 27-36 किलो, नर की ऊंचाई 69 से.मी. एवं मादा की ऊंचाई 64 से.मी. होती है । इनका रंग काला, भूरे, लाल, नीले , हल्के पीले, सफेद सूरजमुखी रंग हो सकता है । स्वभाव एवं स्वास्थ्य - डाबरमेन स्वभाव से आक्रमक नहीं होते हैं उनमें जबरजस्त ताकत और सहनशक्ति, ऊर्जावान और बहुत उत्सुक होते हैं पर वे काफी संवेदनशील एवं सामाजिक स्वभाव रखते हैं । डाबरमेन को व्यायाम की जरूरत होती है इसे दिन में दो बार पार्क या खुले स्थान में सैर को ले जाना जरूरी है । डाबरमेन बुद्धिमान होने से उन्हें प्रशिक्षित करना बहुत आसान होता है । डाबरमेन को उसकी कटी पंूछ से ही पहचाना जाता है । भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने भारतीय पशु चिकित्सा परिषद को ताकीद किया है कि वह सरकारी और निजी पशु चिकित्सकों को आग्रह करे कि वे कुत्तों की पूँछ  और कान न काटे । ये पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम 1960 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है । प्रजनन - डाबरमेन गर्भवती मादा के व्यवहार में बदलाव आ जाता है वह सुस्त रहती है और उसकी भूख कम हो जाती है । मादा के शारीरिक लक्षणों में निपल्स गहरे रंग या रंग में अधिक गुलाबी और बड़े होना पाया गया है । पेट बढ़ जाता है । इस समय पशु चिकित्सक से हार्मोन के स्तर की जांच से पता चल गर्भवती होने का पता चल सकता है । रिलेक्सीन हार्मोन  के बढ़ने पर मादा के गर्भवती होने की स्पष्टता हो जाती है । गर्भ की अवधि 62 दिन होती है । 28 दिनों के बाद कभी भी अल्ट्रासाउंड से गर्भधारण का पता लगाया जा सकता है । गर्भकाल 126 दिन का होता है । डाबरमेन मादा 6 से 10 पप्स देती है । डाबरमेन नस्ल के लिए शाकाहारी आहार की सिफारिश नहीं है । इस नस्लको स्वभावित रूप से मांस, हडिडयों, सब्जियों और अनाज अच्छा लगता है । प्राकृतिक संरक्षक विटामिन सी और ई देना चाहिए, जौ, जई, चावल, साबुत अनाज दिया जा सकता है । चाकलेट, प्याज, अंगूर, किसमिस और खटटे पदार्थों से बचना चाहिए । पिल्लों को 6 सप्ताह की उम्र से ठोस आहार दिया जाना चाहिए । शुरू में पानी में भिगो कर नरम करने खाना दिया जाना चाहिए । पिल्लों को उच्च गुणवत्ता वाला आहार दें  । मुख्य रूप से मांस, मछली, चिकन, सलाद, सब्जियां, चावल, दही, दलिया, अंडे और पनीर की सिफारिश की जाती है । एक प्रीमियम गुणवत्ता का भोजन ईष्टतम स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है । प्रीमियम खादय पदार्थ में 22 प्रतिशत क्रूड प्रोटीन और 10 प्रतिशत वसा होना आवश्यक होना चाहिए ।

















6 comments:

  1. मेरा कुतरता खान नहीं खाता है क्या करें

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    1. Usko khichdi aur acchar de taki swaad le sake roti chicken k sath de sukhi roti kai baar kha k gussa ho gya hoga

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  2. Ghar ke liye ye palne ke liye acha h kya male jyda agrasiv rahta h yr female .......muje ye bahut acha lgta h kya ghr pe ise rakhna acha h ya nhi plzz plzz btaye

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  3. Ghr ke liye palne ke liye ye kesa h plzzz btaye muje ye bohat acha lgta h plz btaye ky ye ghr pr rakhne ke liye sahi h......

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